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छत्तीसगढ़

’बस्तर और जनजातीय समाज के लिए चार दशक का समर्पण मानवता की असाधारण मिसाल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’

’पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले एवं डॉ. रामचंद्र गोडबोले द्वारा बस्तर में किए गए सेवा कार्यों की मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की सराहना’

रायपुर, 29 मई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी दंपति डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर और जनजातीय समाज के बीच चार दशकों से अधिक समय से उनके सेवा कार्यों की सराहना की।

गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें बस्तर और वहां के लोगों से गहरा लगाव है और वे गोंडी तथा हल्बी भाषा में स्थानीय लोगों से संवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि अब उनका बस्तर छोड़ने का मन नहीं है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस भावना को बस्तर की संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह सेवा, संवेदनशीलता और मानवता की दुर्लभ मिसाल है। उन्होंने कहा कि उनका पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और विशेषकर बस्तर के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोडबोले दंपति ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा, कुपोषण, टीबी, मलेरिया और अन्य बीमारियों के प्रति जागरूकता, शिक्षा एवं नशामुक्ति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी गोडबोले दंपति ने सेवा कार्य नहीं छोड़ा, जो उनके गहरे समर्पण और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बस्तर में विकास और विश्वास की नीति पर कार्य कर रही है। सुरक्षा कैंपों को सेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और जनसेवा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

गोडबोले दंपति ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, संत गहिरा गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा तथा विभिन्न आश्रमों और क्षेत्रों में अपने अनुभव भी साझा किए।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उनका सेवा भाव प्रदेश में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता की नई ऊर्जा का संचार करेगा।

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